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49
وَإِذ نَجَّيناكُم مِن آلِ فِرعَونَ يَسومونَكُم سوءَ العَذابِ يُذَبِّحونَ أَبناءَكُم وَيَستَحيونَ نِساءَكُم ۚ وَفي ذٰلِكُم بَلاءٌ مِن رَبِّكُم عَظيمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और (उस वक्त क़ो याद करो) जब हमने तुम्हें (तुम्हारे बुर्ज़गो को) फिरऔन (के पन्जे) से छुड़ाया जो तुम्हें बड़े-बड़े दुख दे के सताते थे तुम्हारे लड़कों पर छुरी फेरते थे और तुम्हारी औरतों को (अपनी ख़िदमत के लिए) ज़िन्दा रहने देते थे और उसमें तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से (तुम्हारे सब्र की) सख्त आज़माइश थी