You are here: Home » Chapter 15 » Verse 13 » Translation
← Sura 15 →
← Aya 13 →
13
لا يُؤمِنونَ بِهِ ۖ وَقَد خَلَت سُنَّةُ الأَوَّلينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ये कुफ्फ़ार इस (क़ुरान) पर ईमान न लाएँगें और (ये कुछ अनोखी बात नहीं) अगलों के तरीक़े भी (ऐसे ही) रहें है