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3
الَّذينَ يَستَحِبّونَ الحَياةَ الدُّنيا عَلَى الآخِرَةِ وَيَصُدّونَ عَن سَبيلِ اللَّهِ وَيَبغونَها عِوَجًا ۚ أُولٰئِكَ في ضَلالٍ بَعيدٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

वह कुफ्फार जो दुनिया की (चन्द रोज़ा) ज़िन्दगी को आख़िरत पर तरजीह देते हैं और (लोगों) को ख़ुदा की राह (पर चलने) से रोकते हैं और इसमें ख्वाह मा ख्वाह कज़ी पैदा करना चाहते हैं यही लोग बड़े पल्ले दर्जे की गुमराही में हैं