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35
۞ مَثَلُ الجَنَّةِ الَّتي وُعِدَ المُتَّقونَ ۖ تَجري مِن تَحتِهَا الأَنهارُ ۖ أُكُلُها دائِمٌ وَظِلُّها ۚ تِلكَ عُقبَى الَّذينَ اتَّقَوا ۖ وَعُقبَى الكافِرينَ النّارُ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

डर रखनेवालों के लिए जिस जन्नत का वादा है उसकी शान यह है कि उसके नीचे नहरें बह रही है, उसके फल शाश्वत है और इसी प्रकार उसकी छाया भी। यह परिणाम है उनका जो डर रखते है, जबकि इनकार करनेवालों का परिणाम आग है