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68
وَلَمّا دَخَلوا مِن حَيثُ أَمَرَهُم أَبوهُم ما كانَ يُغني عَنهُم مِنَ اللَّهِ مِن شَيءٍ إِلّا حاجَةً في نَفسِ يَعقوبَ قَضاها ۚ وَإِنَّهُ لَذو عِلمٍ لِما عَلَّمناهُ وَلٰكِنَّ أَكثَرَ النّاسِ لا يَعلَمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और जब उन्होंने प्रवेश किया जिस तरह से उनके बाप ने उन्हें आदेश दिया था - अल्लाह की ओर से होनेवाली किसी चीज़ को वह उनसे हटा नहीं सकता था। बस याक़ूब के जी की एक इच्छा थी, जो उसने पूरी कर ली। और निस्संदेह वह ज्ञानवान था, क्योंकि हमने उसे ज्ञान प्रदान किया था; किन्तु अधिकतर लोग जानते नहीं -