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33
قالَ رَبِّ السِّجنُ أَحَبُّ إِلَيَّ مِمّا يَدعونَني إِلَيهِ ۖ وَإِلّا تَصرِف عَنّي كَيدَهُنَّ أَصبُ إِلَيهِنَّ وَأَكُن مِنَ الجاهِلينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ऐ मेरे पालने वाले जिस बात की ये औरते मुझ से ख्वाहिश रखती हैं उसकी निस्वत (बदले में) मुझे क़ैद ख़ानों ज्यादा पसन्द है और अगर तू इन औरतों के फ़रेब मुझसे दफा न फरमाएगा तो (शायद) मै उनकी तरफ माएल (झुक) हो जाँऊ ले तो जाओ और जाहिलों से शुमार किया जाऊँ