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3
نَحنُ نَقُصُّ عَلَيكَ أَحسَنَ القَصَصِ بِما أَوحَينا إِلَيكَ هٰذَا القُرآنَ وَإِن كُنتَ مِن قَبلِهِ لَمِنَ الغافِلينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) हम तुम पर ये क़ुरान नाज़िल करके तुम से एक निहायत उम्दा क़िस्सा बयान करते हैं अगरचे तुम इसके पहले (उससे) बिल्कुल बेख़बर थे