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111
لَقَد كانَ في قَصَصِهِم عِبرَةٌ لِأُولِي الأَلبابِ ۗ ما كانَ حَديثًا يُفتَرىٰ وَلٰكِن تَصديقَ الَّذي بَينَ يَدَيهِ وَتَفصيلَ كُلِّ شَيءٍ وَهُدًى وَرَحمَةً لِقَومٍ يُؤمِنونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

निश्चय ही उनकी कथाओं में बुद्धि और समझ रखनेवालों के लिए एक शिक्षाप्रद सामग्री है। यह कोई घड़ी हुई बात नहीं है, बल्कि यह अपने से पूर्व की पुष्टि में है, और हर चीज़ का विस्तार और ईमान लानेवाले लोगों के लिए मार्ग-दर्शन और दयालुता है