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101
۞ رَبِّ قَد آتَيتَني مِنَ المُلكِ وَعَلَّمتَني مِن تَأويلِ الأَحاديثِ ۚ فاطِرَ السَّماواتِ وَالأَرضِ أَنتَ وَلِيّي فِي الدُّنيا وَالآخِرَةِ ۖ تَوَفَّني مُسلِمًا وَأَلحِقني بِالصّالِحينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(उसके बाद यूसुफ ने दुआ की ऐ परवरदिगार तूने मुझे मुल्क भी अता फरमाया और मुझे ख्वाब की बातों की ताबीर भी सिखाई ऐ आसमान और ज़मीन के पैदा करने वाले तू ही मेरा मालिक सरपरस्त है दुनिया में भी और आख़िरत में भी तू मुझे (दुनिया से) मुसलमान उठाये और मुझे नेको कारों में शामिल फरमा