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2
أَكانَ لِلنّاسِ عَجَبًا أَن أَوحَينا إِلىٰ رَجُلٍ مِنهُم أَن أَنذِرِ النّاسَ وَبَشِّرِ الَّذينَ آمَنوا أَنَّ لَهُم قَدَمَ صِدقٍ عِندَ رَبِّهِم ۗ قالَ الكافِرونَ إِنَّ هٰذا لَساحِرٌ مُبينٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

क्या लोगों को इस बात से बड़ा ताज्जुब हुआ कि हमने उन्हीं लोगों में से एक आदमी के पास वही भेजी कि (बे ईमान) लोगों को डराओ और ईमानदारो को इसकी ख़ुश ख़बरी सुना दो कि उनके लिए उनके परवरदिगार की बारगाह में बुलन्द दर्जे है (मगर) कुफ्फार (उन आयतों को सुनकर) कहने लगे कि ये (शख्स तो यक़ीनन सरीही जादूगर) है