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15
فَأَمَّا الإِنسانُ إِذا مَا ابتَلاهُ رَبُّهُ فَأَكرَمَهُ وَنَعَّمَهُ فَيَقولُ رَبّي أَكرَمَنِ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

किन्तु मनुष्य का हाल यह है कि जब उसका रब इस प्रकार उसकी परीक्षा करता है कि उसे प्रतिष्ठा और नेमत प्रदान करता है, तो वह कहता है, "मेरे रब ने मुझे प्रतिष्ठित किया।"