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66
الآنَ خَفَّفَ اللَّهُ عَنكُم وَعَلِمَ أَنَّ فيكُم ضَعفًا ۚ فَإِن يَكُن مِنكُم مِائَةٌ صابِرَةٌ يَغلِبوا مِائَتَينِ ۚ وَإِن يَكُن مِنكُم أَلفٌ يَغلِبوا أَلفَينِ بِإِذنِ اللَّهِ ۗ وَاللَّهُ مَعَ الصّابِرينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

अब ख़ुदा ने तुम से (अपने हुक्म की सख्ती में) तख्फ़ीफ (कमी) कर दी और देख लिया कि तुम में यक़ीनन कमज़ोरी है तो अगर तुम लोगों में से साबित क़दम रहने वाले सौ होगें तो दो सौ (काफ़िरों) पर ग़ालिब रहेंगें और अगर तुम लोगों में से (ऐसे) एक हज़ार होगें तो ख़ुदा के हुक्म से दो हज़ार (काफ़िरों) पर ग़ालिब रहेंगे और (जंग की तकलीफों को) झेल जाने वालों का ख़ुदा साथी है