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49
إِذ يَقولُ المُنافِقونَ وَالَّذينَ في قُلوبِهِم مَرَضٌ غَرَّ هٰؤُلاءِ دينُهُم ۗ وَمَن يَتَوَكَّل عَلَى اللَّهِ فَإِنَّ اللَّهَ عَزيزٌ حَكيمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ये वक्त था) जब मुनाफिक़ीन और जिन लोगों के दिल में (कुफ्र का) मर्ज़ है कह रहे थे कि उन मुसलमानों को उनके दीन ने धोके में डाल रखा है (कि इतराते फिरते हैं हालॉकि जो शख़्स ख़ुदा पर भरोसा करता है (वह ग़ालिब रहता है क्योंकि) ख़ुदा तो यक़ीनन ग़ालिब और हिकमत वाला है