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32
قُل مَن حَرَّمَ زينَةَ اللَّهِ الَّتي أَخرَجَ لِعِبادِهِ وَالطَّيِّباتِ مِنَ الرِّزقِ ۚ قُل هِيَ لِلَّذينَ آمَنوا فِي الحَياةِ الدُّنيا خالِصَةً يَومَ القِيامَةِ ۗ كَذٰلِكَ نُفَصِّلُ الآياتِ لِقَومٍ يَعلَمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

कहो, "अल्लाह की उस शोभा को जिसे उसने अपने बन्दों के लिए उत्पन्न किया है औऱ आजीविका की पवित्र, अच्छी चीज़ो को किसने हराम कर दिया?" कह दो, "यह सांसारिक जीवन में भी ईमानवालों के लिए हैं; क़ियामत के दिन तो ये केवल उन्हीं के लिए होंगी। इसी प्रकार हम आयतों को उन लोगों के लिए सविस्तार बयान करते है, जो जानना चाहे।"