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8
يا أَيُّهَا الَّذينَ آمَنوا توبوا إِلَى اللَّهِ تَوبَةً نَصوحًا عَسىٰ رَبُّكُم أَن يُكَفِّرَ عَنكُم سَيِّئَاتِكُم وَيُدخِلَكُم جَنّاتٍ تَجري مِن تَحتِهَا الأَنهارُ يَومَ لا يُخزِي اللَّهُ النَّبِيَّ وَالَّذينَ آمَنوا مَعَهُ ۖ نورُهُم يَسعىٰ بَينَ أَيديهِم وَبِأَيمانِهِم يَقولونَ رَبَّنا أَتمِم لَنا نورَنا وَاغفِر لَنا ۖ إِنَّكَ عَلىٰ كُلِّ شَيءٍ قَديرٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

ऐ ईमान लानेवाले! अल्लाह के आगे तौबा करो, विशुद्ध तौबा। बहुत सम्भव है कि तुम्हारा रब तुम्हारी बुराइयाँ तुमसे दूर कर दे और तुम्हें ऐसे बाग़ों में दाख़िल करे जिनके नीचे नहरे बह रही होंगी, जिस दिन अल्लाह नबी को और उनको जो ईमान लाकर उसके साथ हुए, रुसवा न करेगा। उनका प्रकाश उनके आगे-आगे दौड़ रहा होगा और उनके दाहिने हाथ मे होगा। वे कह रहे होंगे, "ऐ हमारे रब! हमारे लिए हमारे प्रकाश को पूर्ण कर दे और हमें क्षमा कर। निश्चय ही तू हर चीज़ की सामर्थ्य रखता है।"