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2
اتَّخَذوا أَيمانَهُم جُنَّةً فَصَدّوا عَن سَبيلِ اللَّهِ ۚ إِنَّهُم ساءَ ما كانوا يَعمَلونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

इन लोगों ने अपनी क़समों को सिपर बना रखा है तो (इसी के ज़रिए से) लोगों को ख़ुदा की राह से रोकते हैं बेशक ये लोग जो काम करते हैं बुरे हैं