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95
۞ إِنَّ اللَّهَ فالِقُ الحَبِّ وَالنَّوىٰ ۖ يُخرِجُ الحَيَّ مِنَ المَيِّتِ وَمُخرِجُ المَيِّتِ مِنَ الحَيِّ ۚ ذٰلِكُمُ اللَّهُ ۖ فَأَنّىٰ تُؤفَكونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ख़ुदा ही तो गुठली और दाने को चीर (करके दरख्त ऊगाता) है वही मुर्दे में से ज़िन्दे को निकालता है और वही ज़िन्दा से मुर्दे को निकालने वाला है (लोगों) वही तुम्हारा ख़ुदा है फिर तुम किधर बहके जा रहे हो