You are here: Home » Chapter 6 » Verse 44 » Translation
← Sura 6 →
← Aya 44 →
44
فَلَمّا نَسوا ما ذُكِّروا بِهِ فَتَحنا عَلَيهِم أَبوابَ كُلِّ شَيءٍ حَتّىٰ إِذا فَرِحوا بِما أوتوا أَخَذناهُم بَغتَةً فَإِذا هُم مُبلِسونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

फिर जिसकी उन्हें नसीहत की गयी थी जब उसको भूल गए तो हमने उन पर (ढील देने के लिए) हर तरह की (दुनियावी) नेअमतों के दरवाज़े खोल दिए यहाँ तक कि जो नेअमतें उनको दी गयी थी जब उनको पाकर ख़ुश हुए तो हमने उन्हें नागाहाँ (एक दम) ले डाला तो उस वक्त वह नाउम्मीद होकर रह गए