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17
وَإِن يَمسَسكَ اللَّهُ بِضُرٍّ فَلا كاشِفَ لَهُ إِلّا هُوَ ۖ وَإِن يَمسَسكَ بِخَيرٍ فَهُوَ عَلىٰ كُلِّ شَيءٍ قَديرٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और यदि अल्लाह तुम्हें कोई कष्ट पहुँचाए तो उसके अतिरिक्त उसे कोई दूर करनेवाला नहीं है और यदि वह तुम्हें कोई भलाई पहुँचाए तो उसे हर चीज़ की सामर्थ्य प्राप्त है