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32
الَّذينَ يَجتَنِبونَ كَبائِرَ الإِثمِ وَالفَواحِشَ إِلَّا اللَّمَمَ ۚ إِنَّ رَبَّكَ واسِعُ المَغفِرَةِ ۚ هُوَ أَعلَمُ بِكُم إِذ أَنشَأَكُم مِنَ الأَرضِ وَإِذ أَنتُم أَجِنَّةٌ في بُطونِ أُمَّهاتِكُم ۖ فَلا تُزَكّوا أَنفُسَكُم ۖ هُوَ أَعلَمُ بِمَنِ اتَّقىٰ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वे लोग जो बड़े गुनाहों और अश्लील कर्मों से बचते है, यह और बात है कि संयोगबश कोई छोटी बुराई उनसे हो जाए। निश्चय ही तुम्हारा रब क्षमाशीलता मे बड़ा व्यापक है। वह तुम्हें उस समय से भली-भाँति जानता है, जबकि उसने तुम्हें धरती से पैदा किया और जबकि तुम अपनी माँओ के पेटों में भ्रुण अवस्था में थे। अतः अपने मन की पवित्रता और निखार का दावा न करो। वह उस व्यक्ति को भली-भाँति जानता है, जिसने डर रखा