32هٰذا ما توعَدونَ لِكُلِّ أَوّابٍ حَفيظٍफ़ारूक़ ख़ान & नदवीयही तो वह बेहिश्त है जिसका तुममें से हर एक (ख़ुदा की तरफ़) रूजू करने वाले (हुदूद की) हिफाज़त करने वाले से वायदा किया जाता है