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74
أَفَلا يَتوبونَ إِلَى اللَّهِ وَيَستَغفِرونَهُ ۚ وَاللَّهُ غَفورٌ رَحيمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो ये लोग ख़ुदा की बारगाह में तौबा क्यों नहीं करते और अपने (क़सूरों की) माफ़ी क्यों नहीं मॉगते हालॉकि ख़ुदा तो बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है