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66
وَلَو أَنَّهُم أَقامُوا التَّوراةَ وَالإِنجيلَ وَما أُنزِلَ إِلَيهِم مِن رَبِّهِم لَأَكَلوا مِن فَوقِهِم وَمِن تَحتِ أَرجُلِهِم ۚ مِنهُم أُمَّةٌ مُقتَصِدَةٌ ۖ وَكَثيرٌ مِنهُم ساءَ ما يَعمَلونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और यदि वे तौरात और इनजील को और जो कुछ उनके रब की ओर से उनकी ओर उतारा गया है, उसे क़ायम रखते, तो उन्हें अपने ऊपर से भी खाने को मिलता और अपने पाँव के नीचे से भी। उनमें से एक गिरोह सीधे मार्ग पर चलनेवाला भी है, किन्तु उनमें से अधिकतर ऐसे है कि जो भी करते है बुरा होता है