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42
سَمّاعونَ لِلكَذِبِ أَكّالونَ لِلسُّحتِ ۚ فَإِن جاءوكَ فَاحكُم بَينَهُم أَو أَعرِض عَنهُم ۖ وَإِن تُعرِض عَنهُم فَلَن يَضُرّوكَ شَيئًا ۖ وَإِن حَكَمتَ فَاحكُم بَينَهُم بِالقِسطِ ۚ إِنَّ اللَّهَ يُحِبُّ المُقسِطينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वे झूठ के लिए कान लगाते रहनेवाले और बड़े हराम खानेवाले है। अतः यदि वे तुम्हारे पास आएँ, तो या तुम उनके बीच फ़ैसला कर दो या उन्हें टाल जाओ। यदि तुम उन्हें टाल गए तो वे तुम्हारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते। परन्तु यदि फ़ैसला करो तो उनके बीच इनसाफ़ के साथ फ़ैसला करो। निश्चय ही अल्लाह इनसाफ़ करनेवालों से प्रेम करता है