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32
وَمَن لا يُجِب داعِيَ اللَّهِ فَلَيسَ بِمُعجِزٍ فِي الأَرضِ وَلَيسَ لَهُ مِن دونِهِ أَولِياءُ ۚ أُولٰئِكَ في ضَلالٍ مُبينٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और जिसने ख़ुदा की तरफ बुलाने वाले की बात न मानी तो (याद रहे कि) वह (ख़ुदा को रूए) ज़मीन में आजिज़ नहीं कर सकता और न उस के सिवा कोई सरपरस्त होगा यही लोग गुमराही में हैं