You are here: Home » Chapter 45 » Verse 12 » Translation
← Sura 45 →
← Aya 12 →
12
۞ اللَّهُ الَّذي سَخَّرَ لَكُمُ البَحرَ لِتَجرِيَ الفُلكُ فيهِ بِأَمرِهِ وَلِتَبتَغوا مِن فَضلِهِ وَلَعَلَّكُم تَشكُرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ख़ुदा ही तो है जिसने दरिया को तुम्हारे क़ाबू में कर दिया ताकि उसके हुक्म से उसमें कश्तियां चलें और ताकि उसके फज़ल (व करम) से (मआश की) तलाश करो और ताकि तुम शुक्र करो