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13
لِتَستَووا عَلىٰ ظُهورِهِ ثُمَّ تَذكُروا نِعمَةَ رَبِّكُم إِذَا استَوَيتُم عَلَيهِ وَتَقولوا سُبحانَ الَّذي سَخَّرَ لَنا هٰذا وَما كُنّا لَهُ مُقرِنينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

ताकि तुम उनकी पीठों पर जमकर बैठो, फिर याद करो अपने रब की अनुकम्पा को जब तुम उनपर बैठ जाओ और कहो, "कितना महिमावान है वह जिसने इसको हमारे वश में किया, अन्यथा हम तो इसे क़ाबू में कर सकनेवाले न थे