You are here: Home » Chapter 41 » Verse 31 » Translation
← Sura 41 →
← Aya 31 →
31
نَحنُ أَولِياؤُكُم فِي الحَياةِ الدُّنيا وَفِي الآخِرَةِ ۖ وَلَكُم فيها ما تَشتَهي أَنفُسُكُم وَلَكُم فيها ما تَدَّعونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

हम सांसारिक जीवन में भी तुम्हारे सहचर मित्र है और आख़िरत में भी। और वहाँ तुम्हारे लिए वह सब कुछ है, जिसकी इच्छा तुम्हारे जी को होगी। और वहाँ तुम्हारे लिए वह सब कुछ होगा, जिसका तुम माँग करोगे