You are here: Home » Chapter 41 » Verse 12 » Translation
← Sura 41 →
← Aya 12 →
12
فَقَضاهُنَّ سَبعَ سَماواتٍ في يَومَينِ وَأَوحىٰ في كُلِّ سَماءٍ أَمرَها ۚ وَزَيَّنَّا السَّماءَ الدُّنيا بِمَصابيحَ وَحِفظًا ۚ ذٰلِكَ تَقديرُ العَزيزِ العَليمِ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(और हुक्म के पाबन्द हैं) फिर उसने दोनों में उस (धुएँ) के सात आसमान बनाए और हर आसमान में उसके (इन्तेज़ाम) का हुक्म (कार कुनान कज़ा व क़दर के पास) भेज दिया और हमने नीचे वाले आसमान को (सितारों के) चिराग़ों से मज़य्यन किया और (शैतानों से महफूज़) रखा ये वाक़िफ़कार ग़ालिब ख़ुदा के (मुक़र्रर किए हुए) अन्दाज़ हैं