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67
وَإِذًا لَآتَيناهُم مِن لَدُنّا أَجرًا عَظيمًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और (दीन में भी) बहुत साबित क़दमी से जमे रहते और इस सूरत में हम भी अपनी तरफ़ से ज़रूर बड़ा अच्छा बदला देते