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Sura 4
Aya 2
2
وَآتُوا اليَتامىٰ أَموالَهُم ۖ وَلا تَتَبَدَّلُوا الخَبيثَ بِالطَّيِّبِ ۖ وَلا تَأكُلوا أَموالَهُم إِلىٰ أَموالِكُم ۚ إِنَّهُ كانَ حوبًا كَبيرًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और अनाथों को उनका माल दे दो और बुरी चीज़ को अच्छी चीज़ से न बदलो, और न उनके माल को अपने माल के साथ मिलाकर खा जाओ। यह बहुत बड़ा गुनाह हैं