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18
وَلَيسَتِ التَّوبَةُ لِلَّذينَ يَعمَلونَ السَّيِّئَاتِ حَتّىٰ إِذا حَضَرَ أَحَدَهُمُ المَوتُ قالَ إِنّي تُبتُ الآنَ وَلَا الَّذينَ يَموتونَ وَهُم كُفّارٌ ۚ أُولٰئِكَ أَعتَدنا لَهُم عَذابًا أَليمًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और ऐसे लोगों की तौबा नहीं जो बुरे काम किए चले जाते है, यहाँ तक कि जब उनमें से किसी की मृत्यु का समय आ जाता है तो कहने लगता है, "अब मैं तौबा करता हूँ।" और इसी प्रकार तौबा उनकी भी नहीं है, जो मरते दम तक इनकार करनेवाले ही रहे। ऐसे लोगों के लिए हमने दुखद यातना तैयार कर रखी है