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157
وَقَولِهِم إِنّا قَتَلنَا المَسيحَ عيسَى ابنَ مَريَمَ رَسولَ اللَّهِ وَما قَتَلوهُ وَما صَلَبوهُ وَلٰكِن شُبِّهَ لَهُم ۚ وَإِنَّ الَّذينَ اختَلَفوا فيهِ لَفي شَكٍّ مِنهُ ۚ ما لَهُم بِهِ مِن عِلمٍ إِلَّا اتِّباعَ الظَّنِّ ۚ وَما قَتَلوهُ يَقينًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और उनके यह कहने की वजह से कि हमने मरियम के बेटे ईसा (स.) ख़ुदा के रसूल को क़त्ल कर डाला हालॉकि न तो उन लोगों ने उसे क़त्ल ही किया न सूली ही दी उनके लिए (एक दूसरा शख्स ईसा) से मुशाबेह कर दिया गया और जो लोग इस बारे में इख्तेलाफ़ करते हैं यक़ीनन वह लोग (उसके हालत) की तरफ़ से धोखे में (आ पड़े) हैं उनको उस (वाक़िये) की ख़बर ही नहीं मगर फ़क्त अटकल के पीछे (पड़े) हैं और ईसा को उन लोगों ने यक़ीनन क़त्ल नहीं किया