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155
فَبِما نَقضِهِم ميثاقَهُم وَكُفرِهِم بِآياتِ اللَّهِ وَقَتلِهِمُ الأَنبِياءَ بِغَيرِ حَقٍّ وَقَولِهِم قُلوبُنا غُلفٌ ۚ بَل طَبَعَ اللَّهُ عَلَيها بِكُفرِهِم فَلا يُؤمِنونَ إِلّا قَليلًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर उनके अपने वचन भंग करने और अल्लाह की आयतों का इनकार करने के कारण और नबियों को नाहक़ क़त्ल करने और उनके यह कहने के कारण कि "हमारे हृदय आवरणों में सुरक्षित है" - नहीं, बल्कि वास्तव में उनके इनकार के कारण अल्लाह ने उनके दिलों पर ठप्पा लगा दिया है। तो ये ईमान थोड़े ही लाते है