You are here: Home » Chapter 4 » Verse 145 » Translation
← Sura 4 →
← Aya 145 →
145
إِنَّ المُنافِقينَ فِي الدَّركِ الأَسفَلِ مِنَ النّارِ وَلَن تَجِدَ لَهُم نَصيرًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

निस्संदेह कपटाचारी आग (जहन्नम) के सबसे निचले खंड में होंगे, और तुम कदापि उनका कोई सहायक न पाओगे