You are here: Home » Chapter 4 » Verse 130 » Translation
← Sura 4 →
← Aya 130 →
130
وَإِن يَتَفَرَّقا يُغنِ اللَّهُ كُلًّا مِن سَعَتِهِ ۚ وَكانَ اللَّهُ واسِعًا حَكيمًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और यदि दोनों अलग ही हो जाएँ तो अल्लाह अपनी समाई से एक को दूसरे से बेपररवाह कर देगा। अल्लाह बड़ी समाईवाला, तत्वदर्शी है