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5
خَلَقَ السَّماواتِ وَالأَرضَ بِالحَقِّ ۖ يُكَوِّرُ اللَّيلَ عَلَى النَّهارِ وَيُكَوِّرُ النَّهارَ عَلَى اللَّيلِ ۖ وَسَخَّرَ الشَّمسَ وَالقَمَرَ ۖ كُلٌّ يَجري لِأَجَلٍ مُسَمًّى ۗ أَلا هُوَ العَزيزُ الغَفّارُ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

उसी ने सारे आसमान और ज़मीन को बजा (दुरूस्त) पैदा किया वही रात को दिन पर ऊपर तले लपेटता है और वही दिन को रात पर तह ब तह लपेटता है और उसी ने आफताब और महताब को अपने बस में कर लिया है कि ये सबके सब अपने (अपने) मुक़रर्र वक्त चलते रहेगें आगाह रहो कि वही ग़ालिब बड़ा बख्शने वाला है