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35
لِيَأكُلوا مِن ثَمَرِهِ وَما عَمِلَتهُ أَيديهِم ۖ أَفَلا يَشكُرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ताकि लोग उनके फल खाएँ और कुछ उनके हाथों ने उसे नहीं बनाया (बल्कि खुदा ने) तो क्या ये लोग (इस पर भी) शुक्र नहीं करते