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45
وَكَذَّبَ الَّذينَ مِن قَبلِهِم وَما بَلَغوا مِعشارَ ما آتَيناهُم فَكَذَّبوا رُسُلي ۖ فَكَيفَ كانَ نَكيرِ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और झूठलाया उन लोगों ने भी जो उनसे पहले थे। और जो कुछ हमने उन्हें दिया था ये तो उसके दसवें भाग को भी नहीं पहुँचे है। तो उन्होंने मेरे रसूलों को झुठलाया। तो फिर कैसी रही मेरी यातना!