You are here: Home » Chapter 34 » Verse 2 » Translation
← Sura 34 →
← Aya 2 →
2
يَعلَمُ ما يَلِجُ فِي الأَرضِ وَما يَخرُجُ مِنها وَما يَنزِلُ مِنَ السَّماءِ وَما يَعرُجُ فيها ۚ وَهُوَ الرَّحيمُ الغَفورُ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वह जानता है जो कुछ धरती में प्रविष्ट होता है और जो कुथ उससे निकलता है और जो कुछ आकाश से उतरता है और जो कुछ उसमें चढ़ता है। और वही अत्यन्त दयावान, क्षमाशील है