You are here: Home » Chapter 33 » Verse 27 » Translation
← Sura 33 →
← Aya 27 →
27
وَأَورَثَكُم أَرضَهُم وَدِيارَهُم وَأَموالَهُم وَأَرضًا لَم تَطَئوها ۚ وَكانَ اللَّهُ عَلىٰ كُلِّ شَيءٍ قَديرًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और कुछ को क़ैदी (और गुलाम) बनाने और तुम ही लोगों को उनकी ज़मीन और उनके घर और उनके माल और उस ज़मीन (खैबर) का खुदा ने मालिक बना दिया जिसमें तुमने क़दम तक नहीं रखा था और खुदा तो हर चीज़ पर क़ादिर वतवाना है