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19
أَشِحَّةً عَلَيكُم ۖ فَإِذا جاءَ الخَوفُ رَأَيتَهُم يَنظُرونَ إِلَيكَ تَدورُ أَعيُنُهُم كَالَّذي يُغشىٰ عَلَيهِ مِنَ المَوتِ ۖ فَإِذا ذَهَبَ الخَوفُ سَلَقوكُم بِأَلسِنَةٍ حِدادٍ أَشِحَّةً عَلَى الخَيرِ ۚ أُولٰئِكَ لَم يُؤمِنوا فَأَحبَطَ اللَّهُ أَعمالَهُم ۚ وَكانَ ذٰلِكَ عَلَى اللَّهِ يَسيرًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

तुम्हारे साथ कृपणता से काम लेते है। अतः जब भय का समय आ जाता है, तो तुम उन्हें देखते हो कि वे तुम्हारी ओर इस प्रकार ताक रहे कि उनकी आँखें चक्कर खा रही है, जैसे किसी व्यक्ति पर मौत की बेहोशी छा रही हो। किन्तु जब भय जाता रहता है तो वे माल के लोभ में तेज़ ज़बाने तुमपर चलाते है। ऐसे लोग ईमान लाए ही नहीं। अतः अल्लाह ने उनके कर्म उनकी जान को लागू कर दिए। और यह अल्लाह के लिए बहुत सरल है