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19
أَمَّا الَّذينَ آمَنوا وَعَمِلُوا الصّالِحاتِ فَلَهُم جَنّاتُ المَأوىٰ نُزُلًا بِما كانوا يَعمَلونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

लेकिन जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे अच्छे काम किए उनके लिए तो रहने सहने के लिए (बेहश्त के) बाग़ात हैं ये सामाने ज़ियाफ़त उन कारगुज़ारियों का बदला है जो वह (दुनिया में) कर चुके थे