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10
خَلَقَ السَّماواتِ بِغَيرِ عَمَدٍ تَرَونَها ۖ وَأَلقىٰ فِي الأَرضِ رَواسِيَ أَن تَميدَ بِكُم وَبَثَّ فيها مِن كُلِّ دابَّةٍ ۚ وَأَنزَلنا مِنَ السَّماءِ ماءً فَأَنبَتنا فيها مِن كُلِّ زَوجٍ كَريمٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तुम उन्हें देख रहे हो कि उसी ने बग़ैर सुतून के आसमानों को बना डाला और उसी ने ज़मीन पर (भारी भारी) पहाड़ों के लंगर डाल दिए कि (मुबादा) तुम्हें लेकर किसी तरफ जुम्बिश करे और उसी ने हर तरह चल फिर करने वाले (जानवर) ज़मीन में फैलाए और हमने आसमान से पानी बरसाया और (उसके ज़रिए से) ज़मीन में हर रंग के नफ़ीस जोड़े पैदा किए