You are here: Home » Chapter 3 » Verse 23 » Translation
← Sura 3 →
← Aya 23 →
23
أَلَم تَرَ إِلَى الَّذينَ أوتوا نَصيبًا مِنَ الكِتابِ يُدعَونَ إِلىٰ كِتابِ اللَّهِ لِيَحكُمَ بَينَهُم ثُمَّ يَتَوَلّىٰ فَريقٌ مِنهُم وَهُم مُعرِضونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) क्या तुमने (उलमाए यहूद) के हाल पर नज़र नहीं की जिनको किताब (तौरेत) का एक हिस्सा दिया गया था (अब) उनको किताबे ख़ुदा की तरफ़ बुलाया जाता है ताकि वही (किताब) उनके झगड़ें का फैसला कर दे इस पर भी उनमें का एक गिरोह मुंह फेर लेता है और यही लोग रूगरदानी (मुँह फेरने) करने वाले हैं