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170
فَرِحينَ بِما آتاهُمُ اللَّهُ مِن فَضلِهِ وَيَستَبشِرونَ بِالَّذينَ لَم يَلحَقوا بِهِم مِن خَلفِهِم أَلّا خَوفٌ عَلَيهِم وَلا هُم يَحزَنونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और ख़ुदा ने जो फ़ज़ल व करम उन पर किया है उसकी (ख़ुशी) से फूले नहीं समाते और जो लोग उनसे पीछे रह गए और उनमें आकर शामिल नहीं हुए उनकी निस्बत ये (ख्याल करके) ख़ुशियॉ मनाते हैं कि (ये भी शहीद हों तो) उनपर न किसी क़िस्म का ख़ौफ़ होगा और न आज़ुर्दा ख़ातिर होंगे