You are here: Home » Chapter 3 » Verse 17 » Translation
← Sura 3 →
← Aya 17 →
17
الصّابِرينَ وَالصّادِقينَ وَالقانِتينَ وَالمُنفِقينَ وَالمُستَغفِرينَ بِالأَسحارِ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(यही लोग हैं) सब्र करने वाले और सच बोलने वाले और (ख़ुदा के) फ़रमाबरदार और (ख़ुदा की राह में) ख़र्च करने वाले और पिछली रातों में (ख़ुदा से तौबा) इस्तग़फ़ार करने वाले