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21
يُعَذِّبُ مَن يَشاءُ وَيَرحَمُ مَن يَشاءُ ۖ وَإِلَيهِ تُقلَبونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जिस पर चाहे अज़ाब करे और जिस पर चाहे रहम करे और तुम लोग (सब के सब) उसी की तरफ लौटाए जाओगे