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64
وَقيلَ ادعوا شُرَكاءَكُم فَدَعَوهُم فَلَم يَستَجيبوا لَهُم وَرَأَوُا العَذابَ ۚ لَو أَنَّهُم كانوا يَهتَدونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और कहा जाएगा कि भला अपने उन शरीको को (जिन्हें तुम ख़ुदा समझते थे) बुलाओ तो ग़रज़ वह लोग उन्हें बुलाएँगे तो वह उन्हें जवाब तक नही देगें और (अपनी ऑंखों से) अज़ाब को देखेंगें काश ये लोग (दुनिया में) राह पर आए होते