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15
قُل أَذٰلِكَ خَيرٌ أَم جَنَّةُ الخُلدِ الَّتي وُعِدَ المُتَّقونَ ۚ كانَت لَهُم جَزاءً وَمَصيرًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) तुम पूछो तो कि जहन्नुम बेहतर है या हमेशा रहने का बाग़ (बेहश्त) जिसका परहेज़गारों से वायदा किया गया है कि वह उन (के आमाल) का सिला होगा और आख़िरी ठिकाना